मामा की लड़की part 1

 ये कहानी आप सबके आनंद के लिए है ।

जैसे ही मैं दिल्ली से वापस आया, मेरा मन घर पर नहीं लग रहा था।

इसलिए मैंने मामा के घर जाने का फैसला किया। 

मुझे देखते ही वहाँ सभी बहुत खुश हुए।

मामी खुश थीं, क्योंकि उनकी प्यासी योनि को अब लंड मिलने की आस जगी थी।

मैं भी खुश था, क्योंकि मैं पूरा इरादा बनाकर आया था कि इस बार मामी के साथ-साथ मुझे अपनी जवान होती बहन की उफनती जवानी को चखना है।

मेरी ममेरी बहन के बारे में थोड़ा बता देता हूँ। 

उसका नाम हम कोमल रख लेते हैं क्योंकि मैं उसका असली नाम नहीं बताना चाहता।

कोमल एकदम अपने नाम की तरह ही कोमल बदन की मालकिन है। 

उसकी हाइट लगभग 5 फुट 4 इंच है, और उसका फिगर ऐसा कि सोए हुए लंड में आग लगा दे।

उसके 30 इंच के दूधिया बूब्स, 28 की पतली लचकती कमर, और 32 की प्यारी, गोल, मटकती गांड दिल को मोह लेती है।

उसके गुलाबी होंठ ऐसे कि देखकर लगे कि उम्र बीत जाए, पर हर लम्हा इनके लबों का अमृत पान करूँ। 

दोस्तो, इस बार मैं कई दिन का प्लान बनाकर वहाँ रुका था।

पहला दिन सबसे बातें करने, पुराने किस्से सुनने-सुनाने, और हंसी-मजाक, छेड़खानी में बीत गया। 

अगले दिन मामी की दोनों बेटियाँ अपनी सहेली के साथ मार्केट गई थीं तो मुझे और मामी को कई महीनों की तन की प्यास बुझाने का मौका मिला।

हमने पूरे मन से चुदाई की और एक-दूसरे के अरमान पूरे किए।

लेकिन यह कहानी मेरी मौसेरी बहन कोमल के बारे में है, तो उसी ओर बढ़ता हूँ। 

शाम को कोमल मुझे अपनी स्कूटी पर मार्केट घुमाने ले गई।

मैं स्कूटी चला रहा था और वह पीछे बैठी थी। 

उसने शायद मुझे मामी के साथ सेक्स करते हुए देख लिया था.

साथ ही एक बार गलती से मैंने रात के अंधेरे में उसके बूब्स छू लिए थे। 

इन सब बातों का असर था कि वह आज मुझसे कुछ चिपककर बैठी थी। 

कहते हैं ना, जब आप किसी योनि को दिल से चाहो, तो सारी कायनात उसे आपके लंड से मिलवाने में लग जाती है! 

अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

हम मार्केट में घर से काफी दूर थे और दोनों पूरी तरह भीग चुके थे। 

उसने पीले रंग का पतला टॉप पहना था जो बारिश में भीगकर उसके बदन से चिपक गया था।

उसके मनमोहक स्तन अपने पूरे आकार में उभर आए थे और वह उन्हें मेरी पीठ पर दबा रही थी। 

उसके निप्पल कड़क हो चुके थे जिनका एहसास मुझे अपनी पीठ पर हो रहा था। 

उसने एक हाथ मेरे पेट पर रखा था।

स्कूटी के हर झटके के साथ उसके स्तन मेरी पीठ पर और जोर से दबते।

इन हरकतों से मेरा लंड भी अपने आकार में आने लगा था। 

एक बार झटके में उसका हाथ मेरे लंड पर आ गया।

मुझे यकीन होने लगा कि इस बार मुझे अपनी प्यारी, सेक्सी बहन की योनि चाटने और चोदने का मौका जरूर मिलेगा। 

जैसे ही हम घर पहुँचे, मैंने उसे ऊपर से नीचे तक देखा।

उसने मुझे एक कातिलाना मुस्कुराहट दी और अंदर चली गई। 

मामी ने हम दोनों को कपड़े बदलने को कहा, तो हम ऊपर वाले कमरे में गए। 

कोमल बोली, “भैया, पहले मैं चेंज कर लूँगी, फिर आप कर लेना!” 

जब मैं कपड़े बदलने गया, तो देखा कि उसकी गीली बिकिनी और पैंटी वहाँ पड़ी थी।

उसने जानबूझकर अपनी पैंटी ऊपर रखी थी। 

मैंने उसकी पैंटी को अच्छे से सूँघा और फिर अपने लंड से उसमें मुठ मारकर अपना रस उसमें डाल दिया। 

जब वह कपड़े सुखाकर आई, तो मेरी तरफ देखकर स्माइल करने लगी।

मुझे यकीन हो गया कि वह मुझसे चुदने को पूरी तरह तैयार है।

मैं आज रात का मौका किसी भी हाल में नहीं छोड़ने वाला था। 

मैं पहले से ही नींद की गोलियाँ साथ लाया था।


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