शालिनी भाभी और मेरे सांप की कहानी पार्ट 2
भाभी अब ऊपर नीचे हो रही थी और पांच इंच तक ही सांप को अंदर ले रही थी। जैसे ही हाथ का सपोर्ट हटा सांप पूरा सात इंच गुफा की गहराई में घुस गया। उसके मुंह से जोर की आवाज निकली- ऊईई ईई मा … मर गई … ऊई ईईई उफ्फ … मेरी गुफा। जब दर्द थोड़ा कम हुआ तो उसके बाद उसने सांप पर उछलना शुरू किया। कुछ ही देर बाद वो पूरी ताकत से सांप पर कूदने लगी। अब भाभी को सांप की ठुकाई से मजा मिलने लगा- उसके मुंह से आह्ह … ओह्ह … जैसी कामुक आवाजें आने लगीं। भाभी पूरे जोश में थी और लगातार सिसकार रही थी- आह्ह मोहन … ओह्ह मोहन … ठोक दो मुझे … आह्ह मेरी गुफा … मेरी गुफा ठुक गई … निकाल दो इसका पूरा रस … आह्ह। इतने में ही उसकी गुफा ने रस फेंक दिया। चूत से निकलते पानी के साथ ही भाभी की स्पीड और तेज हो गई। भाभी के बूब्स हवा में उछल रहे थे। ऐसा दृश्य देख मैं अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। अब मैं भी उनके बूब्स पकड़ना चाह रहा था और झटके मारना चाह रहा था। भाभी अभी भी तेजी से मुझे ठोक रही थी। तेज स्पीड के कारण भाभी दूसरी बार भी झड़ गई। अबकी बार मैं भी उनकी गुफा में तेज पिचकारी मारते हुए झड़ गया। फिर मैंने नाटक करने का स...